डोनाल्ड ट्रंप के दामाद जेरेड कुशनर से जुड़ा अरबों की फंडिग का कथित मामला सामने आने के बाद UAE से यूरोप-अमेरिका तक हड़कंप मच गया है। इसमें भाड़े के सैनिकों को पैसे दिए जाने का दावा भी है। उधर, जेरेड कुशनर ने उन आरोपों को खारिज कर दिया है, जिनमें उन्हें UAE, सऊदी अरब और इजरायल के लोगों द्वारा गैर-कानूनी काम कराने के लिए फंडिंग से जोड़ा गया है। इन आरोपों पर सफाई देते हुए जेरेड कुशनर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लंबा-चौड़ा पोस्ट किया है। इस खबर में ये भी जानिए कि आखिर जेरेड कुशनर पर ऐसे क्या आरोप लगे थे, जिन्होंने यूरोप-अमेरिका तक हड़कंप मचा दिया है।
क्या कुशनर ने भाड़े के सैनिकों को ट्रांसफर की बड़ी रकम?
बता दें कि अपनी एक रिपोर्ट में, 'वैनिटी फेयर' ने मैथ्यू कोल की लिखी किताब 'प्रिंसिस एंड थीव्स: जेरेड कुशनर एंड मोहम्मद बिन जायद्स सीक्रेट प्लॉट टू रीमेक द मिडिल ईस्ट' का एक अंश पब्लिश किया है। इस किताब में, जिसका एक अंश 'वैनिटी फेयर' में छपा था, मैथ्यू कोल ने लिखा, '2020 में, मुझे एक भरोसेमंद सूत्र ने एक बात बताई थी। डच सरकार ने जेरेड कुशनर के फोन को हैक कर लिया था और जब वह दुबई के एक बैंक अकाउंट का प्रयोग कर रहे थे, तो वे उन पर नजर रख रहे थे। अजीब बात यह थी कि उस अकाउंट में मौजूद करोड़ों डॉलर की रकम अजरबैजान के एक बैंक से आई थी। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि ऐसा लगता है कि जेरेड कुशनर ने दुबई वाले अकाउंट से काफी बड़ी रकम दूसरे लोगों को ट्रांसफर की थी, जिनमें एक युद्ध का सरगना, एक भाड़े के सैनिक और एक ऐसा व्यक्ति शामिल था जो कभी हिटमैन यानी हत्यारा रह चुका था।'
मैथ्यू कोल के सूत्र ने कुशनर के नाम पर भरी हामी
मैथ्यू कोल ने आगे लिखा, 'मैंने अपने सूत्र से कहा कि यह कहानी बिल्कुल बेतुकी लगती है। लेकिन फिर भी छह महीने बाद, जब मैं किसी और व्यक्ति से UAE सरकार और मिडिल-ईस्ट व अफ्रीका के संघर्षों में उनकी तरफ से भाड़े के सैनिकों के इस्तेमाल के बारे में बात कर रहा था, तो मैंने यूं ही पूछ लिया था कि क्या वे कुशनर और UAE के बैंक अकाउंट से हुए पैसों के ट्रांसफर के बारे में कुछ जानते हैं। तब मेरा परिचित चुप हो गया था। फिर उसने जवाब दिया, हां।' हालांकि, कुशनर के वकील इस बात से इनकार कर चुके हैं कि ऐसा कोई बैंक अकाउंट कभी था।
कुशनर ने आरोपों को बताया बेतुका और झूठा
वहीं, जेरेड कुशनर ने अपने X पोस्ट में कहा, 'वैनिटी फेयर ने एक बुक का अंश पब्लिश किया है, जिसमें बेतुके और पूरी तरह से झूठे आरोप लगाए गए हैं। लेखक की तरफ से लगाए गए ये आरोप बिल्कुल बेबुनियाद हैं और ऐसा कभी हुआ ही नहीं। हमने रिकॉर्ड पर इन सभी दावों का खंडन कर दिया है, फिर भी लेखक इनमें से किसी भी दावे को साबित करने के लिए कोई सबूत नहीं दे पाया है। इन गंभीर आरोपों के सपोर्ट में कोई बैंक स्टेटमेंट, अकाउंट नंबर, वायर ट्रांसफर रिकॉर्ड, ट्रांजैक्शन की तारीखें या कोई अन्य सत्यापन योग्य जानकारी नहीं दी गई है।'
तमाम जांचों में मेरे ऊपर नहीं साबित हुआ कोई आरोप- कुशनर
उन्होंने आगे कहा, 'उस दौरान, मैं दुनिया के सबसे ज्यादा जांच-पड़ताल में घिरे लोगों में से एक था, जिस पर मीडिया की पैनी नजर थी, कई संसदीय जांचें हुईं और एक स्पेशल काउंसिल ने भी जांच की। मैंने स्वेच्छा से इन जांचों में सहयोग किया और 30 घंटे से ज्यादा की गवाही दी। इनमें से कोई भी आरोप कभी साबित नहीं हो पाया, क्योंकि इनमें से कोई भी घटना हुई ही नहीं। ये सब मनगढ़ंत बातें हैं जिन्हें इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिज्म के नाम पर पेश किया जा रहा है। यह पत्रकारिता नहीं है। यह कल्पना, मनगढ़ंत कहानी और पक्षपात का मिश्रण है, जिसे किसी ऐसे व्यक्ति ने लिखा है जो या तो मानसिक तौर पर विक्षिप्त है या फिर किसी बुरे इरादे से काम कर रहा है।' हालांकि, इससे पहले, इसी साल जनवरी में रूस-यूक्रेन जंग को लेकर ट्रंप के दामाद संग क्रेमलिन में पुतिन ने बैठक की थी।
(इनपुट- ANI)
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